केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए उस वीडियो से विवाद खड़ा हो गया है जिसमें कथित तौर पर एक मृत मरीज़ को एक राजकीय अस्पताल के पृथक वार्ड में दिखाया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस वीडियो की सत्यता पर सवाल उठाया है और कहा है कि विपक्षी भाजपा फर्जी खबर फैलाने में माहिर है। वीडियो सामने आने के बाद ममता सरकार ने अस्पतालों में मोबाइल फोन प्रतिबंधित कर दिया।
सुप्रियो ने वीडियो ट्विटर पर पोस्ट करके दावा किया कि यह सार्वजनिक है और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से मामले की तत्काल जांच करने का आग्रह किया।
अस्पतालों में मोबाइल फोन प्रतिबंधत करने के ममता सरकार के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा, 'ममता बनर्जी ने अपनी सरकार की विफलता को उजागर करने वाले सभी वीडियो के माध्यम से मरीजों, डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब जो लोग खतरनाक संक्रमण से जूझ रहे हैं, कुछ लोगों के लिए यह उनकी आखिरी लड़ाई हो सकती है, वे अपने परिवार से बात भी नहीं कर पाएंगे! वह कैसे अमानवीय हो सकता है?'
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ने ट्विटर पर लिखा, 'यह एक चौंकाने वाला वीडियो है... चूंकि यह वीडियो सार्वजनिक है, इसलिए मैं पश्चिम बंगाल की माननीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से आग्रह करता हूं कि वह इसकी पूरी जांच करायें और तथ्य जारी करें।'
सुप्रियो ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि अभी तक राज्य सरकार ने यह दावा नहीं किया है कि वीडियो फर्जी है, इससे यह हमें विश्वास करने के करीब लाता है कि यह वास्तव में सही है।
केंद्रीय मंत्री ने वीडियो के वायरल होने के बाद ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार से इन खबरों पर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद राज्य के अस्पतालों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।